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देश के पहला हार्ट ट्रांसप्लांट करके इतिहास रचने वाले डॉक्टर पी. वेणुगोपाल का निधन

देश में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट करके इतिहास रचने वाले डॉ. पी. वेणुगोपाल का मंगलवार को निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। डॉ. वेणुगोपाल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पूर्व निदेशक भी थे। उन्होंने अपने करियर में 50,000 से अधिक हृदय शल्य चिकित्साएं कीं।

बता दें कि भारत में पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट साल 1994 में तीन अगस्त को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ था। इस ऑपरेशन को डॉ. पी. वेणुगोपाल की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने किया था।  इसके बाद से हर साल तीन अगस्त को भारत में हृदय प्रत्यारोपण दिवस के रुप में मनाया जाता है। 

डॉ. वेणुगोपाल का जन्म सन 1942 में हुआ था। उस समय देश में भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था। 16 साल की उम्र में उन्होंने एम्स दिल्ली को एक छात्र के रूप में 1958 में ज्वाइन किया। साल 1964 में एम्स में प्रथम स्थान हासिल करने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। वह साल 1967 में एम्स में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर बने

साल 1970 में उन्होंने देश में पहला पेसमेकर लगाया। एम्स में साल 1994 में उन्होंने देश का पहला हृदय प्रत्यारोपण किया। चिकित्सा क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1998 में देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण देकर उन्हें सम्मानित किया था। साल 2014 में केंद्र सरकार ने उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्होंने 2023 में अपने संस्मरण, हार्टफेल्ट को प्रकाशित किया। यह पुस्तक काफी चर्चा में रही।
 
इस पुस्तक में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सर्जरी की भी चर्चा की है। उन्होंने लिखा था कि 31 अक्टूबर 1984 को गोली लगने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सर्जरी की थी जो करीब चार घंटे चली। डॉक्टर वेणुगोपाल का अंतिम संस्कार बुधवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया।

 

Asmita Sarkar

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