
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) की परीक्षा में ‘आयुर्वेद जीवविज्ञान’ यानी आयुर्वेद बायोलॉजी (Ayurveda Biology) विषय को भी शामिल कर लिया गया है। आयोग ने भारत की पारम्परिक विद्याओं का प्रसार करने और उन्हें बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अहम कदम उठाया है।
यूजीसी की 25 जून, 2024 को 581वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि दिसंबर 2024 में होने वाली यूजीसी नेट परीक्षा में छात्रों को अडिशनल सब्जेक्ट के रूप में आयुर्वेद बायोलॉजी को चुनने का मौका भी मिलेगा। इससे पहले, विशेषज्ञ समिति, यानी एक्सपर्ट कमेटी ने आयुर्वेद जीवविज्ञान को नए विषय के रूप में NET में शामिल करने की सिफ़ारिश की थी। कुछ समय पहले यूजीसी ने आपदा प्रबंधन विषय को भी यूजीसी नेट में शामिल करने का फैसला किया था।
यूजीसी के अध्यक्ष प्रफेसर एम. जगदीश कुमार का कहना है कि आयुर्वेद बायोलॉजी विषय में छात्रों को आयुर्वेद का प्राचीन विज्ञान जानने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोग प्राकृतिक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल के लाभों के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं, वे आयुर्वेद को एलोपैथिक चिकित्सा के विकल्प के रूप में भी अपना रहे हैं। आयुर्वेद को आधुनिक हेल्थकेयर सिस्टम के साथ तेजी से एकीकृत किया जा रहा है। आयुर्वेद को समकालीन विज्ञान के नजरिए से समझना चाहिए।
नए विषय के रूप में आयुर्वेद जीवविज्ञान को NET में जोड़े जाने के बाद विषय का पाठ्यक्रम, यानी सिलेबस UGC NET दिसंबर, 2024 में शामिल कर दिया जाएगा। UGC के इस कदम से आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध और शिक्षा का दायरा विस्तारित होगा। फिलहाल आयुर्वेद जीवविज्ञान का पाठ्यक्रम UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
UGC की NET परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency या NTA) द्वारा आयोजित किया जाता है। NET परीक्षा के ज़रिये हाल तक भारतीय यूनिवर्सिटियों में जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप या JRF चुनने और असिस्टेंट प्रोफ़ेसरों की बहाली की पात्रता जांचने का काम किया जाता था, लेकिन अब पीएच.डी. में दाखिले के लिए भी NET का उपयोग किया जाने लगा है।




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