
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के छात्रों में अब पारंपरिक कॉर्पोरेट जॉब की बजाय स्टार्टअप्स, एंटरप्रेन्योरशिप, उच्च शिक्षा और सिविल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने का रुझान बढ़ रहा है। 2024 में 2,656 डिग्रियां दी गईं, जिनमें से 53.1% छात्रों को नौकरी के ऑफर मिले, जबकि 8.4% ने आत्म-रोजगार, 1.7% स्टार्टअप्स और 2.5% उद्यमिता को चुना है।
आईआईटी, दिल्ली ने अगस्त 2024 में स्नातक करने वाले छात्रों के बीच किए गए एक एग्जिट सर्वे के नतीजे जारी किए हैं। इससे ये समझ में आता है कि आईआईटी दिल्ली के सभी छात्र ऑन-कैंपस प्लेसमेंट सेवाओं का लाभ नहीं उठा रहे हैं। अगस्त 2024 में केवल 134 छात्रों (5%) ने बताया कि वे अब भी अच्छे करियर के अवसरों की तलाश में हैं।
10 अगस्त 2024 को आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में 2656 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें 481 पीएचडी और संयुक्त पीएचडी, 113 एमबीए, 91 एमएस (रिसर्च), 25 एम.डेस, 529 एम.टेक, 24 एम.पी.पी., 129 ड्यूल डिग्री (बी.टेक + एम.टेक), 1,001 बी.टेक, 51 पीजी डिप्लोमा और 212 एम.एससी के छात्र शामिल हैं।
इस एग्जिट सर्वे में 1411 (53.1 प्रतिशत) छात्रों ने बताया कि उन्हें नौकरी का प्रपोजल मिला है। वहीं, 224 (8.4 प्रतिशत) छात्रों ने बताया कि वे सेल्फ एम्प्लॉयड हैं, जबकि 45 (1.7 प्रतिशत) छात्रों ने बताया कि वे स्टार्ट-अप के लिए काम कर रहे हैं और 66 (2.5 प्रतिशत) छात्र बिज़नेस से जुड़े हैं।
इस सर्वे के जरिए ये भी सामने आया कि पिछले वर्ष ऐसे कई छात्र रहे जिन्होंने या तो आगे की पढ़ाई शुरू कर दी है या फिर वे इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। एग्जिट सर्वे के अनुसार, 359 (13.5 प्रतिशत) आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने जवाब दिया कि वे उच्च शिक्षा के लिए जा रहे हैं, 47 (1.8 प्रतिशत) पीएचडी छात्रों ने बताया कि वे पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च के अवसर या फैकल्टी के पद का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह, 321 (12.1 प्रतिशत) छात्रों ने बताया कि वे विभिन्न परीक्षाओं की जैसे सिविल सेवा, इंजीनियरिंग सेवा और सरकारी नौकरियों के लिए आवश्यक परीक्षाएं दे रहे हैं।




Add comment