
उत्तर प्रदेश सरकार ने अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियमावली 2024 में अहम संशोधन करते हुए सरकारी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक लचीला और व्यावहारिक बना दिया है। इस संशोधन के बाद अब कुछ विशेष विषयों में बीएड डिग्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
बिना बीएड भी बन सकेंगे असिस्टेंट टीचर
सरकार के नए फैसले के अनुसार, अब कंप्यूटर विषय में बीएड डिग्री के बिना भी उम्मीदवार एलटी ग्रेड असिस्टेंट टीचर पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, कला विषय में ललित कला (BFA) में स्नातक डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी बीएड की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
बीएड धारकों को मिलेगी प्राथमिकता
हालांकि बीएड अब अनिवार्य नहीं रहा, फिर भी बीएड डिग्री को ‘प्रेफरेंशियल क्वालिफिकेशन’ माना जाएगा। यानी जिनके पास बीएड है, उन्हें चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं बीएड न होने पर भी कंप्यूटर जैसे विषयों के लिए उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, यदि उनके पास संबंधित विषय में आवश्यक ज्ञान और योग्यता हो।
7385 पदों की भर्ती पर होगा असर
यह बदलाव राज्य सरकार की ओर से 7385 पदों पर होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में लागू होगा। इससे बड़ी संख्या में योग्य लेकिन बीएड रहित उम्मीदवारों को सरकारी शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।
2018 की भर्ती में आई समस्या बनी बदलाव की वजह
इस संशोधन की प्रमुख वजह 2018 में आयोजित भर्ती प्रक्रिया में सामने आई समस्याएं हैं। उस समय कंप्यूटर विषय में 1673 पदों में से 1637 पद खाली रह गए थे, क्योंकि बहुत कम उम्मीदवार निर्धारित योग्यता को पूरा कर सके थे। इस अनुभव से सीख लेकर सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए अब विषय-विशेष की योग्यता को तरजीह देने का निर्णय लिया है।
यह बदलाव यूपी में सरकारी शिक्षक बनने की राह देख रहे हजारों युवाओं के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक समावेशी और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप बनेगी।




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