
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक ‘स्कूल फीस बिल’ को मंजूरी दे दी। इस बात की जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने इसे दिल्ली के अभिभावकों के हित में उठाया गया साहसिक कदम बताया।
अब निजी स्कूल मनमाने तरीके से नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
बिल के लागू होने के बाद, राजधानी के निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की प्रथा पर रोक लग जाएगी। पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल मिलकर इस मुद्दे पर शिकायत कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली में यह एक गंभीर स्थिति रही है कि 1973 के दिल्ली स्कूल एक्ट में भी स्कूल फीस वृद्धि को लेकर कोई स्पष्ट नियम या प्रक्रिया नहीं थी। धारा 17(3) में फीस बढ़ाने से संबंधित कोई गाइडलाइन या सरकारी नियंत्रण का प्रावधान नहीं था। इस वजह से दशकों तक निजी स्कूलों पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं हो सकी।”
उन्होंने आगे कहा, “आज मैं यह बताते हुए गर्व महसूस कर रही हूं कि दिल्ली सरकार ने पहली बार ऐसा बिल तैयार किया है जो पूरी तरह फुल-प्रूफ है। यह निजी स्कूलों की फीस नीति को पारदर्शी, उत्तरदायी और नियंत्रित बनाएगा।”
बिल में क्या होगा खास?
– सभी निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट और सख्त गाइडलाइंस
– फीस वृद्धि की प्रक्रिया पर सरकारी नियंत्रण और स्वीकृति अनिवार्य
– अभिभावकों की शिकायतों के निवारण के लिए प्रशासनिक तंत्र
– पहली बार कानूनी रूप से जवाबदेह ढांचा तैयार किया गया है
मुख्यमंत्री ने इस कदम को “दिल्ली की जनता के लिए राहत भरा और ऐतिहासिक” करार दिया।




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