
ओडिशा के मयूरभंज जिले में अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) विकास विभाग (SSD) द्वारा संचालित आवासीय स्कूल शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
वर्तमान में 293 नियमित और 369 संविदा पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर कमी के चलते छात्र-शिक्षक अनुपात 46 से 50 छात्रों प्रति शिक्षक तक पहुंच गया है, जबकि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अनुसार यह अनुपात प्राथमिक स्तर पर 30:1 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 35:1 होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस असंतुलन से स्कूल ड्रॉपआउट दर बढ़ सकती है, जो आदिवासी शिक्षा व्यवस्था को और कमजोर करेगी।
किन पदों पर सबसे ज्यादा कमी?
जिला कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक रिक्तियां मैट्रिक CT (206), TGT आर्ट्स (16), शारीरिक शिक्षा शिक्षक (16) और हिंदी शिक्षक (10) पदों पर हैं। इसके अलावा 369 संविदा पद भी खाली हैं, जिनमें LCCA/CCA (286) और शिक्षा सहायक (34) शामिल हैं।
कितने स्कूल और छात्र प्रभावित?
जिले में SSD के 167 आवासीय स्कूल और 13 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल (EMRS) संचालित हैं, जिनमें कुल 50,279 बच्चे पढ़ते हैं। स्वीकृत 1,326 शिक्षकों के पदों में से 293 रिक्त हैं। वर्तमान में SSD/आश्रम स्कूलों में 47,629 छात्र और EMRS में 2,650 छात्र नामांकित हैं, लेकिन केवल 1,033 नियमित शिक्षक और 1,581 संविदा शिक्षक उपलब्ध हैं।
भर्ती प्रक्रिया जारी
जिला कल्याण अधिकारी गुरुचरण मलिक ने बताया कि रिक्तियों को भरने के लिए प्रयास जारी हैं और भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है।




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