
दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ऐसा एक ट्वीट क्या किया, अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन (Edward Snowden) और उनके बीच संग्राम छिड़ गया। बता दें कि एक्स यानी ट्विटर के मालिक भी इत्तेफ़ाक़ से मस्क ही हैं। दरअसल इन दिनों अमेरिकी विश्वविद्यालयों (US Universities) में फलस्तीन के समर्थन में धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे लेकर ही एलन मस्क ने एक ऐसा पोस्ट किया था, जिस पर अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने करारा जवाब दे दिया। फिर क्या था, मस्क ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी और इस तरह बात दूर तक निकल गयी।
दरअसल एलन मस्क ने पहले ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘प्रस्तावित कानूनः अगर कोई अमेरिकी झंडे को फाड़ता है और उसकी जगह कोई दूसरा झंडा लगाता है तो उस व्यक्ति को अनिवार्य रूप से उस देश भेज देना चाहिए, जहां का झंडा उसने लगाया है।’ मस्क ने इस पोस्ट के साथ एक पोल भी साझा किया था, जिसमें अमेरिकी झंडे का अपमान करने वाले को देश से बाहर भेजने पर लोगों की राय मांगी गई थी। लोगों से हां और नहीं में जवाब देने को कहा गया था।
मस्क की इस पोस्ट को अमेरिकी विश्वविद्यालयों में फलस्तीन के समर्थन में हो रहे विरोध-प्रदर्शन की मुखालफत के तौर पर देखा गया। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के कई संस्थानों में इन दिनों ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं। कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और कई पर शैक्षिक प्रतिबंध भी लगा दिए गए हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में तो परिसर को प्रदर्शनकारी छात्रों से मुक्त कराने के लिए पुलिस तक की मदद लेनी पड़ी थी। इसी को लेकर मस्क ने पोस्ट किया था, जिसपर स्नोडेन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी है।
मस्क के पोस्ट पर अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘पहली बात अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी है, जिसमें सभी झंडों को फाड़ने और उनके साथ कुछ भी करने की आजादी है और किन्हीं कारणों से इस अधिकार को संविधान में सुरक्षित किया गया है। दूसरी बात तब आप क्या करेंगे, जब वे लोग इस झंडे से अमेरिकी झंडे को बदल दें?’ अपनी इस पोस्ट के साथ स्नोडेन ने फास्ट फूड चेन मैक्डोनाल्ड के झंडे की तस्वीर भी साझा की।
स्नोडेन का यह जवाब मस्क को नागवार गुजरा। उन्होंने इसका उत्तर भी दिया। एक और ट्वीट कर। लिखा कि ‘अन्य देश भेजे जाने वाले अमेरिकी कुछ समय उस देश में बिताने के बाद वापस अमेरिका आ सकते हैं, ताकि उन्हें उस देश की जमीनी हकीकत के बारे में पता चल सके।’ दरअसल इस पोस्ट के ज़रिये उन्होंने एडवर्ड स्नोडेन पर ही कटाक्ष करने की कोशिश की।
बता दें कि एडवर्ड स्नोडेन वह शख्स हैं जिनपर साल 2013 में अमेरिका की खुफिया सूचनाएं लीक करने का आरोप लगा था। इसे लेकर पूरी दुनिया में हंगामा हुआ था। तब एडवर्ड स्नोडेन गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश निकल गए थे और फिलहाल उनके रूस में मौजूद होने का दावा किया जाता है।




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