
UP PCS-J Mains 2022 : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस-जे मेंस 2022 की सभी 18042 उत्तर पुस्तिकाओं की फिर से जांच करेगा। यह जानकारी आयोग की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर हलफनामे में दी गई। आयोग ने बताया कि इसकी प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। आयोग ने माना कि पूरी सतर्कता के बावजूद गलती हो सकती है। यदि ऐसा हुआ है तो उसे सुधारा जाएगा। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ के समक्ष पीसीएस-जे अभ्यर्थी श्रवण पांडेय की याचिका की सुनवाई के दौरान आयोग ने यह हलफनामा दाखिल कर उक्त बातें कही हैं।
इस प्रकरण में अब पहली जुलाई को सुनवाई होगी। खंडपीठ ने उसी दिन जांच का परिणाम बताने और उत्तर पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने श्रवण पांडेय के छह प्रश्न पत्रों की उत्तर पुस्तिकाएं कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को दिया था। याची अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि उसकी अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका में हैंडराइटिंग बदली गई है तथा एक अन्य उत्तर पुस्तिका के कुछ पन्ने फाड़े गए हैं। इसकी वजह से वह मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाया। याची श्रवण पांडेय की याचिका पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ सुनवाई कर रही है
याची के अधिवक्ता विभु राय का कहना था कि याची ने पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा 2022 में विफल होने पर आरटीआइ से जानकारी मांगी तो पता चला कि अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका में उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। इस पर कोर्ट ने याची की सभी छह विषयों की उत्तर पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने के लिए कहा था। आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामला सामने आने के बाद मुख्य परीक्षा में शामिल सभी 3,019 अभ्यार्थियों की 18,042 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई जा रही है।
जांच लंबित होने के कारण याची की उत्तर पुस्तिकाएं कोर्ट में प्रस्तुत कर पाना संभव नहीं है। उत्तर पुस्तिकाओं पर रोल नंबर की जगह फर्जी मास्टर कोड अंकित किया जाता है। इसे डिकोड करने के बाद ही सही उत्तर पुस्तिका तक पहुंचा जा सकता है। यह कार्य गोपनीय है और बहुत कम कर्मचारी लगाए गए हैं। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही याची की उत्तर पुस्तिकाएं कोर्ट में प्रस्तुत की जा सकेंगी।




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