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बायोटेक्नोलॉजी ग्रेजुएट्स के लिए IIT मद्रास का खास ट्रेनिंग प्रोग्राम, लैब और इंडस्ट्री में मिलेगा काम का अनुभव

IIT Madras Biotechnology Training Programme: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहे छात्रों और ग्रेजुएट्स को उद्योग की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए एक नया ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को प्रयोगशाला में काम करने, बायोमैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव देना है, ताकि पढ़ाई के दौरान हासिल ज्ञान और कंपनियों की वास्तविक जरूरतों के बीच की दूरी कम की जा सके।

इस कार्यक्रम का नाम UDYOG (Upskilling and Development for Young Graduates) रखा गया है। इसका उद्घाटन IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने किया। IIT मद्रास-टिसेल बायोफाउंड्री (IIT Madras-TICEL Biofoundry) की पहल SynBioME के माध्यम से शुरू किया गया यह कार्यक्रम ऑनलाइन पढ़ाई, प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण, बड़े स्तर पर उत्पादन की प्रक्रिया का अनुभव और उद्योगों में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

देशभर के बायोटेक्नोलॉजी छात्रों को मिलेगा मौका

यह कार्यक्रम देशभर के कॉलेजों और संस्थानों में बायोटेक्नोलॉजी तथा इससे जुड़े विषयों की पढ़ाई कर रहे बीटेक, एमटेक और एमएससी के प्री-फाइनल और फाइनल ईयर के छात्रों के लिए खुला है।

प्रशिक्षण को तीन चरणों में आयोजित करने की योजना है, ताकि छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली प्रक्रियाओं और तकनीकों को भी समझ सकें।

पहले चरण में IIT मद्रास के सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन (CODE) के माध्यम से तीन महीने की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। इसमें उद्योग के विशेषज्ञों के व्याख्यान और औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझाने वाले प्रदर्शन वीडियो शामिल होंगे।

इसके बाद छात्रों को IIT मद्रास बायोफाउंड्री में चार सप्ताह का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान वे प्रयोगशाला में काम करने, बायोटेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रक्रियाओं और बायोमैन्युफैक्चरिंग के विभिन्न चरणों का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल करेंगे।

कार्यक्रम में उद्योगों में इंटर्नशिप और बड़े स्तर पर उत्पादन की प्रक्रियाओं से परिचित कराने की व्यवस्था भी शामिल है। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कंपनियों में बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े काम किस तरह किए जाते हैं।

बायोटेक्नोलॉजी में नौकरी के लिए जरूरी कौशल पर जोर

भारत में बायोटेक्नोलॉजी और बायोफार्मास्युटिकल क्षेत्र के विस्तार के साथ ऐसे पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है, जिन्हें केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव भी हो।

इन क्षेत्रों में विश्लेषण की तकनीकों, उत्पादन प्रक्रिया के विकास और नियामक नियमों की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में केवल डिग्री हासिल करना कई भूमिकाओं के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता; छात्रों को काम से जुड़े कौशल और वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव भी चाहिए।

IIT मद्रास का यह कार्यक्रम इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऑनलाइन पढ़ाई के साथ प्रयोगशाला प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ने का अवसर देकर छात्रों को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पहल से बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों को उच्च शिक्षा से नौकरी की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है। साथ ही, उद्योगों को ऐसे प्रशिक्षित युवा पेशेवर मिलने की संभावना बढ़ सकती है, जिन्हें काम शुरू करने से पहले बुनियादी औद्योगिक प्रक्रियाओं की जानकारी और व्यावहारिक अनुभव हो।

Raish Ahmed

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