गोवा सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति 2026 पेश की है। इस नीति के तहत शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए AI की बुनियादी पढ़ाई अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। वर्ष 2026 से 2029 तक लागू रहने वाली इस नीति में 50 सरकारी स्कूलों में AI लैब स्थापित करने और 500 शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण देने की योजना भी शामिल है।
राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 50 हजार लोगों को AI में प्रशिक्षित कर प्रमाणित करना है। इस लक्ष्य में कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की रखने का प्रस्ताव है। नीति का उद्देश्य स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार तक AI से जुड़े कौशल को बढ़ावा देना है।
स्कूलों में AI की पढ़ाई और लैब
नीति के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक AI की बुनियादी जानकारी को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसका पाठ्यक्रम राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (National Curriculum Framework) 2023 के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
गोवा सरकार 50 सरकारी स्कूलों में AI लैब बनाने की योजना बना रही है। इसके लिए पहले से मौजूद अटल टिंकरिंग लैब और अन्य उपलब्ध सुविधाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोवा (IIT Goa), नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग (NPTEL) और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के सहयोग से 500 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को AI की मदद से पढ़ाने के तरीकों से परिचित कराना है।
प्रस्तावित पाठ्यक्रम में कोंकणी, मराठी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में सीखने की सुविधा को भी शामिल किया जाएगा, ताकि अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को AI की शिक्षा मिल सके।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी AI पर जोर
नीति में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के स्नातक पाठ्यक्रमों में AI और मशीन लर्निंग को शामिल करने की सिफारिश की गई है।
इसके साथ ही, अगले तीन वर्षों तक हर साल 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें IndiaAI FutureSkills कार्यक्रम से जोड़ने का प्रस्ताव है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को AI से संबंधित उन्नत कौशल सीखने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करने का अवसर देना है।
शोध को बढ़ावा देने के लिए IIT गोवा और NIT गोवा के माध्यम से हर साल 10 डॉक्टरेट फेलोशिप देने की भी योजना है। इन कदमों के जरिए स्कूल स्तर से लेकर उच्च शिक्षा और शोध तक AI प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
2030 तक 50 हजार लोगों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
गोवा सरकार वर्ष 2030 तक 50 हजार पेशेवरों को AI में प्रशिक्षित कर प्रमाणपत्र देने की योजना बना रही है। इसके लिए नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (NASSCOM) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) सहित विभिन्न संगठनों के साथ साझेदारी का प्रस्ताव है।
इस लक्ष्य में कम से कम 25 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करने की बात कही गई है। इससे AI से जुड़े कौशल प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के लिए भी AI प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित है। नीति के तहत iGoT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ‘YUVA AI for All’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी अधिकारियों के लिए AI प्रमाणन अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है।
स्टार्टअप और सरकारी सेवाओं में AI का इस्तेमाल
गोवा की AI नीति में तीन वर्षों के दौरान इसे लागू करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है। इसमें कौशल विकास, उद्योगों की भागीदारी, निवेश, तकनीकी बुनियादी ढांचे और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं।
नीति में AI प्रशिक्षण को स्टार्टअप विकास से जोड़ने और सरकारी सेवाओं में इस तकनीक को अपनाने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में AI से जुड़े कौशल और तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देना है।
हालांकि, नीति में बताए गए ये कदम प्रस्तावित योजनाएं और लक्ष्य हैं। इन्हें लागू करने की वास्तविक प्रगति, उपलब्ध संसाधनों और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई के आधार पर आंका जा सकेगा।




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