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एग्रीटेक में करियर बनाने का मौका, IIT Delhi ने शुरू किया 6 महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स; जानें योग्यता और फीस

कृषि के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तकनीकी इस्तेमाल ने करियर के नए अवसर पैदा किए हैं। अब खेती केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सेंसर, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी कृषि का हिस्सा बन रहे हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने ऑनलाइन एग्रीटेक सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है।

IIT दिल्ली के कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम (CEP) के तहत संचालित होने वाले इस छह महीने के कोर्स में विद्यार्थियों और पेशेवरों को कृषि और तकनीक के आपसी संबंधों की जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि इस कोर्स में आवेदन करने के लिए पहले से कृषि या तकनीकी विषय की पढ़ाई करना जरूरी नहीं है। ग्रेजुएट, डिप्लोमा धारक और पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं।

कोर्स की शुरुआत 28 फरवरी 2027 से होगी और कक्षाएं 21 अगस्त 2027 तक चलेंगी। पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन होगी। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को कोर्स की फीस, पात्रता और अंतिम तारीख की जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए।

हर रविवार होगी ऑनलाइन क्लास

IIT दिल्ली का यह एग्रीटेक सर्टिफिकेट प्रोग्राम छह महीने का होगा। इसकी कक्षाएं हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इस तरह कामकाजी पेशेवरों और नियमित पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी कक्षाओं में शामिल होना आसान हो सकता है।

यह प्रोग्राम IIT दिल्ली के सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसमें संस्थान के शिक्षकों के साथ लाइव लर्निंग सेशन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रतिभागियों को IIT दिल्ली के कैंपस इमर्शन का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम की अवधि: 28 फरवरी से 21 अगस्त 2027 | कक्षा: प्रत्येक रविवार, दोपहर 12 से 3 बजे

कौन कर सकता है आवेदन? जानें योग्यता

इस कोर्स की खास बात यह है कि इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास पहले से कृषि या कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की पढ़ाई का अनुभव होना जरूरी नहीं है। अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवार इसमें आवेदन कर सकते हैं।

IIT दिल्ली के अनुसार, आवेदन के लिए निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताओं में से कोई एक होना जरूरी है:

  • 10+2+3 या 10+2+4 पैटर्न के तहत ग्रेजुएशन की डिग्री।
  • मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा।
  • पोस्टग्रेजुएट डिग्री या निर्धारित समकक्ष योग्यता।

इसका मतलब है कि केवल कृषि या इंजीनियरिंग के विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि अन्य विषयों से ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार भी इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम पात्रता संस्थान की ओर से निर्धारित शर्तों के अनुसार तय होगी।

एग्रीटेक कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा? सात मॉड्यूल में तैयार पाठ्यक्रम

IIT दिल्ली ने इस कोर्स को सात मॉड्यूल में बांटा है। इसमें खेती की बुनियादी समझ से लेकर आधुनिक तकनीक, डिजिटल कृषि और एग्रीटेक बिजनेस तक की जानकारी दी जाएगी।

1. कृषि और एग्रीटेक की दुनिया

इस मॉड्यूल में भारतीय कृषि व्यवस्था, किसानों की जरूरतों, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और एग्रीटेक उद्योग के बारे में पढ़ाया जाएगा। साथ ही यह समझाया जाएगा कि तकनीक के इस्तेमाल से खेती में किस तरह सुधार किया जा सकता है।

2. कृषि में IoT सेंसर और साइबर-फिजिकल सिस्टम

इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्मार्ट सेंसर और खेती में इस्तेमाल होने वाली कनेक्टेड तकनीकों की जानकारी मिलेगी। विद्यार्थी समझ सकेंगे कि खेतों में मिट्टी, नमी, तापमान और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाने के लिए सेंसर किस तरह काम करते हैं।

3. ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और जियोस्पेशियल तकनीक

इस मॉड्यूल में कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल, रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) की भूमिका समझाई जाएगी। इन तकनीकों से फसलों की स्थिति, खेतों की निगरानी और कृषि संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया जा सकता है।

4. डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स

इसमें कृषि से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन और डीप लर्निंग जैसे विषय शामिल होंगे। इसके माध्यम से फसल उत्पादन का अनुमान लगाने, कृषि जोखिम समझने और किसानों के लिए वित्तीय सेवाओं को बेहतर बनाने में AI की भूमिका पढ़ाई जाएगी।

5. डिजिटल कृषि और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर

इस मॉड्यूल में डिजिटल कृषि व्यवस्था, सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृषि से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान और डिजिटल सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें फसल बीमा, मौसम संबंधी जोखिम और किसानों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने जैसे विषय भी शामिल होंगे।

6. फसल कटाई के बाद की तकनीक और एग्रीटेक बिजनेस मॉडल

इसमें फसल कटाई के बाद अनाज और अन्य कृषि उत्पादों के भंडारण, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन, बाजार तक पहुंच और कीमत तय होने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। साथ ही एग्रीटेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल और कृषि उत्पादों के व्यावसायीकरण पर भी चर्चा होगी।

7. कैपस्टोन प्रोजेक्ट (Capstone Project)

अंतिम मॉड्यूल में विद्यार्थियों को कृषि से जुड़ी किसी वास्तविक समस्या पर आधारित प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। इसके माध्यम से वे कोर्स में सीखी गई तकनीकों और जानकारियों का व्यावहारिक इस्तेमाल कर सकेंगे।

संस्थान के अनुसार, जरूरत के आधार पर मॉड्यूल में बदलाव किया जा सकता है।

IIT Delhi Agritech Course 2027: कितनी है फीस?

इस कोर्स के लिए केवल आवेदन शुल्क 1,180 रुपये है, लेकिन यह पूरी कोर्स फीस नहीं है। IIT दिल्ली के आधिकारिक कार्यक्रम पेज के अनुसार, छह महीने के पूरे प्रोग्राम की फीस 1,30,000 रुपये है। इस पर 18 प्रतिशत GST अलग से देना होगा।

शुल्क का विवरणराशि
आवेदन शुल्क₹1,000
आवेदन शुल्क पर GST₹180
कुल आवेदन शुल्क₹1,180
कोर्स फीस₹1,30,000
कोर्स फीस पर GST₹23,400
कुल कोर्स फीस₹1,53,400

कोर्स फीस किस्तों में जमा करने की व्यवस्था भी दी गई है। आवेदन शुल्क अलग से लिया जाएगा और इसे कोर्स फीस में समायोजित नहीं किया जाएगा। यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा और न ही किसी दूसरे उम्मीदवार को ट्रांसफर किया जा सकता है।

सर्टिफिकेट पाने के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें

कोर्स पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को एक जैसा प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। IIT दिल्ली ने इसके लिए उपस्थिति और प्रदर्शन की शर्तें तय की हैं।

  • Certificate of Completion: कुल मूल्यांकन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक और न्यूनतम 50 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है।
  • Certificate of Participation: यदि विद्यार्थी की उपस्थिति कम से कम 50 प्रतिशत है, लेकिन कुल अंक 50 प्रतिशत से कम हैं, तो उसे भागीदारी प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

ये ई-सर्टिफिकेट IIT दिल्ली के कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम की ओर से जारी किए जाएंगे।

IIT Delhi Agritech Course 2027: आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार IIT दिल्ली के आधिकारिक कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए सबसे पहले IIT Delhi CEP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Online Certificate Programme in Agritech का विकल्प खोलें और पात्रता, फीस तथा कोर्स से जुड़ी जानकारी पढ़ें। इसके बाद आवेदन लिंक के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरें और निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करें।

आवेदन जमा करने के बाद उम्मीदवारों को संस्थान की ओर से चयन प्रक्रिया और आगे की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को ऑफर मिलने के बाद निर्धारित समय में पहली किस्त जमा करके अपनी सीट की पुष्टि करनी होगी।

एग्रीटेक में करियर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कोर्स?

भारत में कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। फसल की निगरानी, मौसम का अनुमान, सिंचाई प्रबंधन, कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन और किसानों को बाजार से जोड़ने में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में कृषि और तकनीक दोनों की समझ रखने वाले लोगों के लिए एग्रीटेक एक नया करियर क्षेत्र बन रहा है। इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी कृषि से जुड़ी समस्याओं को तकनीकी और व्यावसायिक नजरिए से समझ सकेंगे।

हालांकि, उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह छह महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम है, न कि नियमित डिग्री कोर्स। इसकी फीस भी 1.53 लाख रुपये से अधिक है। इसलिए आवेदन करने से पहले पाठ्यक्रम, खर्च और अपने करियर के लक्ष्य को ध्यान में रखकर फैसला लेना जरूरी है।

Raish Ahmed

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