केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जमा की गई विद्यार्थियों की सूची यानी लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) में सुधार का अवसर दिया है। बोर्ड ने 2 नवंबर 2026 से सुधार की सुविधा शुरू कर दी है। इसके तहत संबद्ध स्कूल विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विवरण और विषयों से जुड़ी गलतियों को ठीक कर सकेंगे।
CBSE के 2 नवंबर को जारी सर्कुलर के अनुसार, स्कूलों को निर्धारित अवधि में LOC का डेटा जांचकर जरूरी सुधार करने होंगे। बोर्ड ने साफ कहा है कि इस प्रक्रिया के बाद विवरण में बदलाव का कोई दूसरा अवसर नहीं दिया जाएगा। इसलिए कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे स्कूल से संपर्क कर दर्ज जानकारी की जांच कर लें।
LOC में किन जानकारियों में कर सकते हैं सुधार?
CBSE के निर्देशों के अनुसार, LOC में विद्यार्थी का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, अभिभावक का नाम, जन्मतिथि और चुने गए विषयों से जुड़ी गलतियों को निर्धारित समय में ठीक किया जा सकता है।
बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि LOC जमा होने के बाद हर विद्यार्थी के लिए तैयार की गई डेटा वेरिफिकेशन स्लिप के आधार पर जानकारी की जांच की जाए। यदि किसी विवरण में गलती मिलती है, तो उसे सुधार अवधि के दौरान ठीक कराया जा सकता है।
कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अपने चुने हुए विषयों की भी अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुधार की समय-सीमा समाप्त होने के बाद विषयों में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नाम और जन्मतिथि की जांच करना क्यों जरूरी?
CBSE ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों के नाम और माता-पिता के नाम की वर्तनी ध्यान से जांचें। बोर्ड के अनुसार, दस्तावेजों में नाम संक्षिप्त रूप में दर्ज होने के बजाय पूरा होना चाहिए। विद्यार्थी का सरनेम भी सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है, खासकर उन छात्रों के लिए जो आगे चलकर विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं।
इसके अलावा जन्मतिथि का भी मिलान करना चाहिए। यदि विद्यार्थी का पासपोर्ट बना हुआ है, तो उसमें दर्ज जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को LOC में दी गई जानकारी से मिलाकर देखना उपयोगी होगा।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि विद्यार्थी के सभी विवरण सही होने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है। इसलिए केवल स्कूल की ओर से जानकारी दर्ज किए जाने पर निर्भर न रहें, बल्कि वेरिफिकेशन स्लिप देखकर खुद भी इसकी पुष्टि करें।
स्कूलों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को देनी होगी जानकारी
CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे सुधार प्रक्रिया और उसकी समय-सीमा की जानकारी विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों तक पहुंचाएं। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन विद्यार्थियों के विवरण में गलती है, उनका सुधार निर्धारित अवधि में पूरा कर दिया जाए।
ध्यान रहे कि यह सुधार सुविधा स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध है। विद्यार्थी स्वयं अलग से आवेदन करके LOC में बदलाव नहीं कर सकते। इसलिए किसी भी गलती की जानकारी मिलने पर उन्हें तुरंत अपने स्कूल से संपर्क करना चाहिए।
CBSE LOC Correction 2026: महत्वपूर्ण तारीख
CBSE की आधिकारिक अधिसूचना 2 नवंबर 2026 को जारी हुई है। इसमें सुधार विंडो की शुरुआत 2 नवंबर बताई गई है। निर्धारित कार्यक्रम में अंतिम तारीख के वर्ष के स्थान पर 2025 छपा है, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 और तारीख के दिन के हिसाब से स्पष्ट रूप से टाइपिंग की गलती प्रतीत होती है। विभिन्न शिक्षा समाचार रिपोर्टों में अंतिम तारीख 7 नवंबर 2026 बताई गई है। स्कूलों को बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार समय रहते सुधार पूरा करना चाहिए।
बोर्ड ने साफ किया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद LOC में बदलाव या सुधार का कोई अतिरिक्त अवसर नहीं मिलेगा। इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को अंतिम समय का इंतजार किए बिना स्कूल से संपर्क कर सभी विवरणों की जांच कर लेनी चाहिए।




Add comment