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CTET 2026: परीक्षा में बचे हैं करीब डेढ़ महीने, अच्छे अंक के लिए ऐसे करें तैयारी; जानें जरूरी टिप्स

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के 22वें संस्करण का आयोजन 12 और 13 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। परीक्षा की तारीख नजदीक आने के साथ ही अभ्यर्थियों के पास अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए करीब डेढ़ महीने का समय बचा है। ऐसे में उम्मीदवारों को अब नए विषयों को शुरू करने के बजाय पढ़े हुए पाठ्यक्रम को दोहराने, कमजोर विषयों पर काम करने और नियमित अभ्यास पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

सीटीईटी में सफलता के लिए केवल विषयों की जानकारी होना काफी नहीं है। अभ्यर्थियों को बाल विकास, शिक्षण विधियों, भाषा की समझ और बच्चों को कठिन विषय सरल तरीके से समझाने की क्षमता पर भी ध्यान देना होता है। परीक्षा में कई सवाल ऐसे होते हैं, जिनमें यह परखा जाता है कि शिक्षक किसी विशेष परिस्थिति में किस तरह पढ़ाएगा या बच्चों की सीखने से जुड़ी समस्याओं को कैसे समझेगा। इसलिए तैयारी के दौरान विषयों की जानकारी के साथ उनकी व्यावहारिक समझ विकसित करना भी जरूरी है।

पहले समझें CTET परीक्षा का पैटर्न

सीटीईटी में दो पेपर होते हैं। पेपर-1 उन अभ्यर्थियों के लिए है, जो कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक बनना चाहते हैं। वहीं, पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आयोजित किया जाता है। जो अभ्यर्थी दोनों स्तरों पर शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर देने होते हैं।

दोनों पेपर में 150-150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और प्रत्येक पेपर कुल 150 अंकों का होता है। परीक्षा के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय निर्धारित है। इसलिए उम्मीदवारों को प्रश्नों का अभ्यास करते समय समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना चाहिए। केवल सवालों के सही जवाब जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तय समय के भीतर पूरा पेपर हल करने की आदत भी विकसित करनी होगी।

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पर दें विशेष ध्यान

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy) सीटीईटी के दोनों पेपर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया, व्यक्तिगत भिन्नताओं, समावेशी शिक्षा और शिक्षण के तरीकों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

इस विषय की तैयारी के लिए जीन पियाजे, लॉरेंस कोहलबर्ग और लेव वाइगोत्स्की जैसे प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांतों को अच्छी तरह समझें। केवल सिद्धांतों और उनकी परिभाषाओं को याद करने के बजाय यह जानने की कोशिश करें कि उनका इस्तेमाल कक्षा में किस तरह किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, अलग-अलग उम्र के बच्चों की सीखने की क्षमता में क्या अंतर होता है और शिक्षक को उनकी जरूरतों के अनुसार पढ़ाने का तरीका कैसे बदलना चाहिए, ऐसे सवालों पर विचार करें। इससे परिस्थितियों पर आधारित प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी।

विषयों को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पढ़ें

सीटीईटी में विषयों की जानकारी के साथ यह भी परखा जाता है कि अभ्यर्थी बच्चों को किसी विषय की अवधारणा किस तरह समझा सकता है। इसलिए गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की तैयारी केवल सूत्रों, तथ्यों और परिभाषाओं को याद करके न करें।

पेपर-1 के अभ्यर्थी गणित की तैयारी करते समय सवाल हल करने के साथ यह भी समझें कि किसी बच्चे को उस सवाल के पीछे की अवधारणा किस तरह समझाई जा सकती है। पर्यावरण अध्ययन (EVS) में परिवार, भोजन, पानी, आवास, परिवहन और आसपास के वातावरण जैसे विषयों को अपने दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़कर पढ़ें।

पेपर-2 के उम्मीदवारों को विज्ञान में प्राकृतिक घटनाओं, पदार्थों और जीव-जगत से जुड़ी अवधारणाओं को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, सामाजिक विज्ञान की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी इतिहास, भूगोल और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को समझने पर ध्यान दें। पढ़ाई के दौरान यह भी सोचें कि इन विषयों को बच्चों के स्तर के अनुसार किस तरह सरल बनाया जा सकता है।

भाषा के प्रश्नों के लिए रोज करें गद्यांश का अभ्यास

सीटीईटी के दोनों पेपर में भाषा के दो खंड होते हैं। प्रत्येक खंड में 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें अपठित गद्यांश, भाषा की समझ और भाषा शिक्षण से जुड़े सवाल शामिल होते हैं।

अभ्यर्थियों को प्रतिदिन हिंदी और अपनी चुनी हुई दूसरी भाषा के कम से कम एक-एक गद्यांश को पढ़ने का अभ्यास करना चाहिए। गद्यांश पढ़ने के बाद उसके मुख्य विचार, निष्कर्ष, शब्दों के अर्थ और लेखक के संदेश को समझने की कोशिश करें।

भाषा शिक्षण की तैयारी करते समय इस बात पर भी ध्यान दें कि बच्चों की भाषा संबंधी गलतियों को किस तरह सुधारा जाए, उनकी पढ़ने-लिखने की क्षमता कैसे विकसित की जाए और उन्हें अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जाए। इससे भाषा से जुड़े शिक्षाशास्त्र के प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी।

मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से करें अभ्यास

परीक्षा में अब कम समय बचा है, इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी का आकलन नियमित रूप से करना चाहिए। इसके लिए सप्ताह में दो से तीन मॉक टेस्ट हल करना उपयोगी रहेगा। शुरुआत में अलग-अलग विषयों के प्रश्नों का अभ्यास करें और इसके बाद निर्धारित ढाई घंटे में पूरा पेपर हल करने की कोशिश करें।

पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के प्रकार और कठिनाई के स्तर को समझने में मदद मिलती है। मॉक टेस्ट देने के बाद केवल प्राप्त अंकों पर ध्यान न दें, बल्कि यह भी देखें कि किन सवालों में गलती हुई और उसका कारण क्या था। जिन विषयों में बार-बार गलतियां हो रही हैं, उन्हें दोबारा पढ़ें।

परीक्षा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

तैयारी के अंतिम चरण में अभ्यर्थियों को एक संतुलित समय-सारिणी बनानी चाहिए। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र और भाषा शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों को नियमित समय दें। साथ ही, सभी विषयों का रिवीजन करते रहें और नए स्रोतों से बहुत अधिक सामग्री जुटाने के बजाय निर्धारित पाठ्यक्रम और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री पर भरोसा करें।

परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लें और लगातार पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक भी लें। अंतिम दिनों में कमजोर विषयों को सुधारने, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को दोहराने और समय सीमा के भीतर प्रश्न हल करने का अभ्यास करें।

सीटीईटी की तैयारी में नियमित अभ्यास, सही रणनीति और विषयों की स्पष्ट समझ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभ्यर्थियों को बचे हुए समय का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी तैयारी को मजबूत करना चाहिए।

CTET 2026 में नेगेटिव मार्किंग नहीं

अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सीटीईटी में गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाते। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक निर्धारित है। इसलिए उम्मीदवारों को किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आने पर भी उपलब्ध विकल्पों को समझकर जवाब देने का प्रयास करना चाहिए। हालांकि, बिना सोचे-समझे उत्तर देने के बजाय प्रश्न को ध्यान से पढ़ना और सही विकल्प चुनने की कोशिश करना बेहतर होगा।

एक जरूरी बात: पेपर-1 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, गणित, पर्यावरण अध्ययन और दो भाषा खंड होते हैं। पेपर-2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र और दोनों भाषा खंडों के अलावा गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान में से एक विकल्प चुनना होता है। दोनों पेपर में भाषा के प्रश्नों के लिए अभ्यर्थी उपलब्ध 27 भाषाओं में से दो भाषाएं चुन सकते हैं।

परीक्षा शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी

सीबीएसई की 14 सितंबर 2026 की सार्वजनिक सूचना के अनुसार, सीटीईटी की 22वीं परीक्षा 12 और 13 दिसंबर को होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शहर और उनके लिए निर्धारित परीक्षा तिथि की जानकारी परीक्षा से 15 दिन पहले आधिकारिक पोर्टल पर मिलेगी। वहीं, परीक्षा केंद्र का पूरा विवरण देने वाला एडमिट कार्ड परीक्षा से दो दिन पहले डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in नियमित रूप से देखते रहना चाहिए।

Raish Ahmed

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