केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2028 में होने वाली कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर विषयों और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े बदलावों की जानकारी दी है। नए प्रावधानों के तहत विद्यार्थियों के लिए पांच मुख्य विषयों के साथ छठे विषय के रूप में कौशल आधारित विषय (Skill Subject) का विकल्प महत्वपूर्ण होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर देना और विषयों के चयन में अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है।
बोर्ड के अनुसार, इन बदलावों को समझना उन विद्यार्थियों और स्कूलों के लिए जरूरी है, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेंगे और 2028 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। इससे विद्यार्थियों को समय रहते अपने विषयों और आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्य विषय में फेल होने पर स्किल विषय कैसे आएगा काम?
नई व्यवस्था में छठे विषय के रूप में चुना गया कौशल आधारित विषय विद्यार्थियों के अंतिम परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दिए गए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों में से किसी एक में सफल नहीं होता, लेकिन कौशल विषय में उत्तीर्ण है, तो निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार कौशल विषय के अंकों से संबंधित मुख्य विषय को बदला जा सकता है।
इससे पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में राहत मिल सकती है और उन्हें केवल एक विषय में असफल होने के कारण पूरे साल का नुकसान उठाने से बचाया जा सकता है। हालांकि, विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि यह सुविधा अपने आप लागू होने वाली छूट नहीं है। इसका लाभ CBSE के लागू नियमों, विषयों के संयोजन और परिणाम संबंधी शर्तों के अनुसार ही मिलेगा।
व्यावसायिक शिक्षा के लिए मिलेंगे विकल्प
CBSE की योजना में व्यावसायिक शिक्षा को भी महत्व दिया गया है। इसका मकसद विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय ऐसे कौशल से परिचित कराना है, जो आगे की पढ़ाई और करियर में उपयोगी हो सकते हैं।
विद्यार्थियों के सामने कौशल शिक्षा से जुड़ी दो व्यवस्थाएं हो सकती हैं। पहली, वे स्कूल स्तर पर कराए जाने वाले कौशल विकास कार्यक्रम या आंतरिक मूल्यांकन में हिस्सा लें। दूसरी, वे बोर्ड की ओर से अधिसूचित कौशल विषयों में से किसी एक का चयन करें। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
बोर्ड द्वारा निर्धारित विषयों में से किसी एक को चुनने से विद्यार्थियों को संबंधित क्षेत्र की शुरुआती जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, विषयों की उपलब्धता, परीक्षा के स्वरूप और प्रमाणपत्र से जुड़ी जानकारी के लिए स्कूलों को CBSE के आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
पाठ्यक्रम में भी किए गए बदलाव
कक्षा 10वीं की पढ़ाई से जुड़े नए बदलावों में कुछ पुराने मॉड्यूल और विषयों को हटाने की बात भी कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ‘Individuals in Society’, ‘Computational Thinking (CT) और AI मॉड्यूल’ के साथ कक्षा 10वीं से पर्यावरण शिक्षा (Environmental Education) को हटाने का उल्लेख है।
इन बदलावों का उद्देश्य पाठ्यक्रम को अधिक उपयोगी और कौशल आधारित बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, विद्यार्थियों को अपने स्कूल से लागू पाठ्यक्रम की पुष्टि जरूर करनी चाहिए, ताकि वे पुराने और नए सिलेबस को लेकर किसी भ्रम में न रहें।
किन विद्यार्थियों पर लागू होंगे नए नियम?
ये बदलाव मुख्य रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ाई शुरू करेंगे और 2028 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर इन बदलावों का असर नहीं पड़ने की बात कही गई है।
इसलिए मौजूदा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, नए सत्र में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अपने स्कूल से विषयों की सूची, कौशल विषय के विकल्प और परीक्षा संबंधी नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।
विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
कक्षा 10वीं का परिणाम आगे की पढ़ाई में विषयों के चयन और करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कौशल आधारित विषयों को बढ़ावा देने से विद्यार्थियों को अपनी रुचि पहचानने और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों की शुरुआती समझ विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
यदि मुख्य विषय में असफल होने की स्थिति में कौशल विषय के अंकों के आधार पर राहत मिलती है, तो यह कुछ विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन इसे परीक्षा की तैयारी में ढिलाई बरतने का विकल्प नहीं समझना चाहिए। गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अन्य मुख्य विषयों की नियमित पढ़ाई जरूरी रहेगी।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे CBSE की आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर विषयों का चयन करें। स्कूलों को भी नए नियमों के बारे में समय पर जानकारी देनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा और आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में परेशानी न हो।




Add comment